"Skills are the new currency of the Future" | Dinesh Pathak | TEDxIETLucknow
TEDx Talks·2026-01-26 17:38
हो मायूस नहीं शाम सा रहिए जिंदगी भोर है सूरज सा निकलते रहिए जिंदगी ठाव में ठहरेंगे तो थक जाएंगे धीरेधीरे सही राह पे चलते रहिए। [प्रशंसा] कवि डॉक्टर कुंवर बेजैन साहब की इसी रचना के साथ बीरबल लक्ष्मण की इस धरती को मैं प्रणाम करूंगा। आप सबको प्रणाम करूंगा। स्वागत वंदन अभिनंदन करूंगा। मेरा नाम दिनेश पाठक है। बच्ची ने बता दिया है। मैं एक स्टूडेंट हूं। आप में से तमाम लोगों की तरह जर्नलिस्ट हूं। पेशे से करियर कोच हूं। केसेस लोग कहते हैं कि मुझे नहीं पता लेकिन इन सारी भूमिकाओं को मैं रोज जी रहा हूं और पूरे मन से शि ...